बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थान डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर को देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित “सीएसआर अवार्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान लीडिंग यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया केटेगरी में प्रदान गया है। यह सम्मान विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार, कौशल विकास तथा सामाजिक दायित्वों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी ने समारोह में उपस्थित होकर यह सम्मान ग्रहण किया। कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही, जहां शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
सीएसआर अवार्ड उन संस्थानों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, शोध, कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, महिला सशक्तिकरण तथा ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इस क्रम में डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय को उसकी प्रभावी कार्यप्रणाली, परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए विशेष रूप से सराहा गया।
विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को समग्र रूप से विकसित करने के लिए सुव्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण, अनुभवी संकाय द्वारा मार्गदर्शन, कैरियर परामर्श तथा आधुनिक डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया गया है। इससे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, कौशल और आत्मविश्वास में निरंतर वृद्धि हो रही है, जो उन्हें जीवन की विभिन्न चुनौतियों के लिए तैयार करता है।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी ने कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय परिवार के समर्पण और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक डिग्री तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों के लिए पूर्णतः सक्षम बनाना है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार घोष ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान शिक्षकों, कर्मियों और विद्यार्थियों के समर्पण का परिणाम है, जो संस्थान को निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करता रहेगा।
डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय को प्राप्त यह सम्मान न केवल संस्थान के लिए गौरव का विषय है, बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान दर्शाता है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और दूरदर्शी नेतृत्व के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान स्थापित की जा सकती है। विश्वविद्यालय भविष्य में भी शिक्षा, शोध, नवाचार और सामाजिक दायित्वों के क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


















